कार्यालय राहत एवं पुनर्वास आयुक्त
आयुक्त राहत / पुनर्वास - सुश्री रीता शांडिल्य (भा.प्र.से)
   

 


पुनर्वास विभाग का गठन वर्ष 1954 में भूतपूर्व पूर्वी पाकिस्तान (वर्तमान बंगला देश) से आये विस्थापित परिवारों को बसाने हेतु किया गया था। इस विभाग के अधीन दो कार्यालय (1) पुनर्वास आयुक्त कार्यालय (2) कार्यालय कमाण्डेट माना शिविर जिला रायपुर संचालित है।

पुनर्वास आयुक्त कार्यालय

पुनर्वास आयुक्त कार्यालय के संचालन हेतु कुल 10 पद स्वीकृत है। पुनर्वास आयुक्त का 1 पद उपायुक्त पुनर्वास का 1 पद, कनिष्ट लेखाधिकारी का पद सहायक ग्रेड-1 का 1 पद, सहायक ग्रेड-2 का 2 पद, सहायक ग्रेड-3 का 2 पद मृत्य के 2 पद स्वीकृत है।

इस कार्यालय द्वारा अधीनस्थ कार्यालय कमाण्डेट माना शिविर के कार्यालय में नियुक्ति पुन आवट प्रदाय करने तथा निवासरत विस्थापित परिवारों के पुनर्वास संबंधित कार्यों पर नियंत्रण इत्यादि का कार्य किया जाता है।

पुनर्वास आयुक्त कार्यालय के लिए वित्तीय वर्ष 2019-20 हेतु राशि रूपये 36.50 लाख प्रावधानित है एवं आगामी वित्तीय वर्ष 2020-21 हेतु राशि रूपये 38 16 लाख का प्रावधान रखा गया है।

कार्यालय कमाण्डेंट माना शिविर जिला रायपुर

माना शिविर स्थित स्थायी दायित्व गृह में निवासरत विस्थापित परिवारों को आवास सुविधा केशडोल, राशन, बिजली, पानी, कपड़े, चिकित्सा सुविधा, शिक्षा अनुदान, विवाह अनुदान, दाह संस्कार अनुदान, इत्यादि निःशुल्क प्रदाय किया जाता है। स्थायी दायित्व गृह के संचालन हेतु अधिकारी / कर्मचारियों के कुल 23 पद स्वीकृत है।

कमाण्डेट कार्यालय के संचालन एवं स्थायी दायित्व गृह में निवासरत विस्थापितों को उक्त शासकीय सहायता उपलब्ध कराने हेतु वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए राशि रूपये 180.04 लाख प्रावधानित है तथा आगामी वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए राशि रूपये 165.27 लाख एवं विस्थापितों को बसाहट हेतु रूपये 19. 30 लाख का प्रावधान रखा गया है।

वर्तमान में स्थायी दायित्व गृह माना शिविर में 151 परिवार है। जिसमें से 50 लघु व्यवसायी परिवारों के स्थायी बसाहट कार्य प्रचलन में है।